काला नमक चावल एक पौष्टिक अनाज है जो मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र के 11 जिलों और नेपाल में उगाया जाता है। इसका आकार साधारण सफेद चावल से छोटा होता है और इसकी काली भूसी और तेज सुगंध इसे विशेष बनाती है।काला नमक चावल के उच्च पोषक मूल्य के कारण इसकी कीमत साधारण चावलों की तुलना में 4 से 5 गुना अधिक होती है।काला नमक चावल अपने अनोखे स्वाद और गंभीर भूरा रंग के लिए प्रसिद्ध है। इस में प्राकृतिक तौर पर पाया जाने वाला अंटॉसियनिन नामक एक पौष्टिक तत्व होता है, जो इसे काला रंग देता है।
काला नमक चावल एक खास प्रकार का चावल है जो भारतीय उप महाद्वीप में पूर्व से ही पाया जाता है। इसका उल्लेख मिलता है कि काला नमक चावल की खेती बौद्ध काल (600 ईसा पूर्व) से की जाती रही है यह विशेष चावल भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication – GI) टैग प्रणाली के तहत संरक्षित है। GI टैग इसे विश्वसनीयता और बाजार में मान्यता देता है, जिससे उत्पादकों को इसका लाभ मिलता है और इसका विकास प्रोत्साहित होता है। इसका संरक्षण भारतीय कृषि और परंपरागत खाद्य विकास में महत्वपूर्ण योगदान करता है।
क्यों खास है काला नमक चावल ?
काला नमक चावल का सेवन करने से विभिन्न बीमारियों में लाभ होता है। इसमें फाइबर, प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, अमिनो एसिड्स, एंटिऑक्सिडेंट्स, और अन्य पोषकतत्व मौजूद होते हैं। यह मधुमेह के नियंत्रण में मदद कर सकता है, हृदय स्वास्थ्य को सुधारता है, कैंसर और दिल से संबंधित रोगों के खिलाफ लड़ाई में सहायक होते हैं आंत्रिक स्वच्छता को बढ़ावा देता है, वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है, कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मदद कर सकता है, और खून की संचरण को सुधारता है।
काला नमक चावल खाने से स्वास्थ पर लाभ
- काला नमक चावल ऑर्गेनिक फार्मिंग (प्राकृतिक खेती) के उपयोग से ही उत्पादित किया जा सकता है। इसलिए, हम पेस्टिसाइड्स (कीटनाशकों) के स्वास्थ्य पर प्रभाव और केमिकल खाद से होने वाले हानिकारक प्रभाव से बच सकते हैं।
- काला नमक वाले चावल में प्रोटीन के साथ-साथ आयरन और जिंक भी प्रचुर मात्रा में होते हैं, जिसके कारण यह अनाज शरीर की कमजोरी को दूर करने में मदद करता है।
- इस चावल में एंथोसायनिन (anthocyanin) जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने में मदद करते हैं।
- काला नमक चावल का सेवन ब्लड डिसॉर्डर्स (खून से जुड़ी गड़बड़ियों) को कम करने में लाभकारी माना जाता है।
- काला नमक चावल एक अनाज है, जो स्किन की टेक्स्चर और स्किन हेल्थ को सुधारने में मदद करता है।
- एक दावा किया जाता है कि नियमित रूप से काला नामक चावल खाने से अल्जाइमर रोग को रोकने में सहायता मिल सकती है।
- काला नमक चावल की खेती बौद्ध काल (600 ईसा पूर्व) से की जाती रही है।
काला नमक धान की खेती
- काले चावल की खेती के लिए एक एकड़ में लगभग 20 किलो काले चावल धान के बीज की आवश्यकता होती है और यह खेती लगभग 90 से 110 दिनों का समय लेती है। इस खेती का तरीका धान के अन्य बीजों की तरह ही होता है।
- इसके अतिरिक्त, किसानों को काले चावल का पूरा लाभ उठाने के लिए जैविक तरीके से काले चावल की खेती करने कीआवश्यकता है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में काले चावल की बहुत अधिक मांग होती है, जिससे यह व्यापक बाजार और किसानों के लिए उच्च कीमत प्रदान करता है।
- काला धान उत्पाद की खेती से किसानों के सपने पूरे हो सकते हैं, क्योंकि इसका बाजार मूल्य 400 से 800 रुपये प्रति किग्रा तक होता है। इस खेती में खाद और कीटनाशकों का उपयोग नहीं होता, जिसके कारण खेती की लागत कम होती है और चावल में रसायनों का खतरा भी नहीं होता।
निष्कर्ष:
काला नमक चावल एक प्रकार का स्वादिष्ट और पौष्टिक चावल है जो भारतीय खाने की विविधता में से एक है। यह चावल अपने अनूठे स्वाद और गहरे काले रंग के लिए प्रसिद्ध है। काला नमक चावल, एक पौष्टिक अनाज है जो अनेक पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इस में विटामिन्स, प्रोटीन, फाइबर और अन्य मिनरल्स पाए जाते हैं जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। इसकी यह किस्म कई बीमारियों में उपयोगी सिद्ध होती है, जैसे मधुमेह, अस्थमा, डायबिटीज, एनीमिया, और पाचन संबंधी समस्याएं। इसका नियमित सेवन शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने, वजन को नियंत्रित करने और सेहत को सुधारने में मदद करता है।